रामपुर-बटुरा तबादलों पर कोयला मजदूर पंचायत का संघर्ष का ऐलान, कोल इंडिया की ट्रांसफर नीति के उल्लंघन का आरोप


मोहम्मद हारून धनपुरी। 

एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के रामपुर-बटुरा ओसीएम और अमलाई ओसीएम से कर्मचारियों के मनमाने तबादले को लेकर कोयला मजदूर पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। हिन्द मजदूर सभा से संबद्ध सोहागपुर क्षेत्रीय इकाई की बैठक 22 अक्टूबर को सम्पन्न हुई, जिसमें तबादलों को तत्काल निरस्त करने और संघर्ष को तेज करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कोयला मजदूर पंचायत सोहागपुर क्षेत्र के अध्यक्ष किशोरी मोहन सिंह ने की।

तीन सूत्रीय मांगों पर अड़ा संगठन

बैठक में संगठन ने तीन सूत्रीय मांग रखी है कि रामपुर-बटुरा से किए गए सभी तबादले निरस्त किए जाएं, दूसरे क्षेत्रों में जॉइन करा दिए गए कर्मचारियों को वापस रामपुर-बटुरा लाया जाए और बंद पड़ा विभागीय पैच तत्काल शुरू किया जाए।

ट्रांसफर नीति का उल्लंघन, ठेकेदारी को बढ़ावा देने का आरोप

बैठक को संबोधित करते हुए कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड सदस्य जावेद अख्तर उस्मानी ने कहा कि ये तबादले कोल इंडिया की ट्रांसफर पॉलिसी का खुला उल्लंघन हैं। प्रबंधन द्वारा स्थायी कर्मियों को हटाकर ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन मजदूरों ने अपने खून-पसीने से इस खदान को खड़ा किया, उन्हीं के साथ आज बेदखली जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोयला मजदूर पंचायत के केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह ने कहा कि संगठन मजदूर हितों से कोई समझौता नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को केंद्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा। हिन्द मजदूर सभा के केंद्रीय पदाधिकारी शिवनारायण मिश्रा ने भी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को पुनः वापस लाने की मांग की। अमलाई ओसीएम कोयला मजदूर पंचायत अध्यक्ष पुष्पेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि सभी स्थानांतरित साथियों को वापस लाने के लिए आंदोलन का बिगुल फूंकना होगा। बैठक में प्रमुख रूप से जावेद अख्तर उस्मानी, कोयला मजदूर पंचायत के केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह, शिवनारायण मिश्रा, हंसराज तंवर, अमलाई ओसीएम अध्यक्ष पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, केएमपी ठेका श्रमिक संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष लवकुश तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने बताया कि पहले चरण में एसईसीएल निदेशक मंडल, बिलासपुर को पत्र भेजा गया है। जल्द ही सोहागपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक से वार्ता की जाएगी। मांगें न मानी गईं तो खदान गेट पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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