राष्ट्रीय स्तर पर चमका एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र, बंगवार और खैराहा खदान को मिला 5-स्टार सम्मान

 


छत्तीसगढ़ की पांच पुरस्कृत खदानों में सोहागपुर क्षेत्र की दो खदानें शामिल, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल खनन के लिए रायपुर में मिला राष्ट्रीय सम्मान



मोहम्मद हारुन उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।

सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार भूमिगत खदान और खैराहा भूमिगत खदान को प्रतिष्ठित 5-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ की कुल पांच पुरस्कृत खदानों में सोहागपुर क्षेत्र की दो खदानों का शामिल होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। कोयला मंत्रालय द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर देशभर की 50 उत्कृष्ट खदानों को यह सम्मान प्रदान किया गया। इनमें 15 भूमिगत और 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खदानों को पुरस्कार प्रदान किए।

सुरक्षित और सतत खनन में बनाया उत्कृष्ट मानक

सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार और खैराहा भूमिगत खदानों को सुरक्षित एवं सतत खनन, पर्यावरण प्रबंधन और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई। यह सम्मान खदानों में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है। समारोह में केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने अपने संबोधन में सोहागपुर क्षेत्र की खदानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित खनन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इन खदानों ने एक नया मानक स्थापित किया है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

सात प्रमुख मानकों पर होता है खदानों का मूल्यांकन

कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के तहत खदानों का मूल्यांकन सात प्रमुख मानकों पर किया जाता है। इनमें पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन, भूमि पुनर्स्थापन एवं वनीकरण, वायु एवं जल गुणवत्ता प्रबंधन, हरित पट्टी का विकास, श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा तथा तकनीकी नवाचार एवं सतत खनन प्रबंधन शामिल हैं। बंगवार और खैराहा खदानों ने इन मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह उपलब्धि हासिल की है।

कोयला मंत्रालय और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समारोह में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रमिकों की मेहनत को मिली राष्ट्रीय पहचान

इस उपलब्धि से एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों, खदान श्रमिकों और धनपुरी-अनूपपुर क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष का माहौल है। दोनों खदानों को मिला यह सम्मान केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों से मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हजारों कोयला श्रमिकों की प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। राष्ट्रीय मंच पर बंगवार और खैराहा खदानों को मिली यह पहचान सोहागपुर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है।

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