एआईडीईओ के प्रतिवेदन पर सीआईएल का जवाब, माइनिंग कार्मिकों के ग्रेड और कोटा पर दिया ये अपडेट


उत्प्रेरक टाइम्स कोलकाता। ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल्स एसोसिएशन (एआईडीईओ) द्वारा विभागीय माइनिंग कर्मियों की समस्याओं को लेकर दिए गए ज्ञापन पर कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने जवाब दिया है। सीआईएल के पॉलिसी सेल ने एआईडीईओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कुमार प्रजापति को भेजे पत्र (संदर्भ संख्या सीआईएल-सी5ए(पीसी) एआईडीईओए-1497 में दो प्रमुख मांगों पर स्थिति स्पष्ट की है। एआईडीईओ ने 9 जुलाई 2026 को पत्र नं. एआईडीईओ-सेंट्रल-20-27-34 आईडी भेजकर 4 मुद्दे उठाए थे, जिनमें से दो मुद्दे सीआईएल के पॉलिसी सेल से संबंधित थे।


सीआईएल ने बिंदुवार दिये जवाब 


ई1 की जगह ई2 ग्रेड में चयन की मांग पर डिपार्टमेंटल माइनिंग पर्सनेल जिनके पास सेकंड क्लास माइन मैनेजर का सर्टिफिकेट है, उन्हें ई1 की जगह ई2 ग्रेड में लेने की मांग की गई थी। इस पर सीआईएल ने कहा कि कोयला मंत्रालय द्वारा सीआईएल और उसकी अनुषंगी कंपनियों के अधिकारियों के वेतनमान अपग्रेडेशन के लिए दी गई मंजूरी में स्पष्ट है कि एग्जीक्यूटिव कैडर में इंडक्शन का वेतनमान 60,000-1,80,000 रुपये होगा, जो सीआईएल में ई1 ग्रेड के बराबर है। इसलिए चाहे विभागीय चयन-प्रमोशन हो या सीधी भर्ती, सभी का इंडक्शन ई1 ग्रेड में ही किया गया है। एग्जीक्यूटिव कैडर में कोटा 35% से बढ़ाकर 40% करने की मांग पर-इस मुद्दे पर सीआईएल ने कहा है कि मामले की जांच का जाएगी यानी इस मामले की जांच की जाएगी। यह पत्र सीआईएल के जनरल मैनेजर (एचआर), पॉलिसी सेल, राजेश वी नायर के हस्ताक्षर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है।

Post a Comment

0 Comments