पुलिस कप्तान के प्रयासों पर केशवाही चौकी क्षेत्र में सवालिया निशान! शाम ढलते ही कथित जुआ फड़ का संचालन



गैस गोदाम के पास एक घर में बड़े पैमाने पर बावनपरी खेले जाने की चर्चा, दूर-दराज से पहुंच रहे खिलाड़ी; संचालकों को चिह्नित कर गोपनीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

जमीलुर्रहमान शहडोल। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक लगातार प्रयासरत हैं। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कप्तान की सक्रियता से आमजन में उम्मीद जगी है। लेकिन इसी बीच बुढ़ार थाना अंतर्गत केशवाही चौकी क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित होने की खबरें सामने आ रही हैं, जो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि पिछले दो दिनों से शाम होते ही जुए की महफिल सज रही है। बताया जा रहा है कि इस खेल में शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। कथित तौर पर खिलाड़ियों को खाने-पीने, आने-जाने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को उधार रकम उपलब्ध कराने की बात भी सामने आ रही है। यदि ये दावे सही हैं, तो यह कोई सामान्य गतिविधि नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से संचालित हो रही जुआ फड़ की ओर संकेत करते हैं।

गैस गोदाम के पास घर में फड़ सजने की चर्चा

स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि केशवाही चौकी क्षेत्र में गैस गोदाम के पास बरगाही नामक व्यक्ति के घर में जुए का संचालन किया जा रहा है। इस कथित गतिविधि के संचालन को लेकर रियाजुद्दीन, मंजू, सिताफ, हीरामणि और खुर्शीद नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि, इन व्यक्तियों की भूमिका और जुआ फड़ के संचालन में उनकी संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

40 हजार रुपये में फड़ संचालन की बोली की भी चर्चा

क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कथित जुआ फड़ के संचालन को लेकर 40 हजार रुपये तक की बोली लगाई गई। सूत्रों का दावा है कि शुरुआत एक नवंबर से होनी थी, लेकिन कथित तौर पर दो दिन पहले से ही शाम के समय खेल शुरू कर दिया गया। इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। बावजूद इसके, लगातार हो रही चर्चाओं ने केशवाही क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और सूचना तंत्र को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस कप्तान की सक्रियता के बीच चौकी की जवाबदेही जरूरी

पुलिस अधीक्षक जिले में अपराध और सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में यदि चौकी क्षेत्र में खुले तौर पर जुआ फड़ संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो यह स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा का विषय है। सवाल यह भी है कि यदि शाम से देर रात तक बाहरी लोगों की आवाजाही और कथित जुए का संचालन हो रहा है, तो चौकी स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंच रही? क्या क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी प्रभावी ढंग से की जा रही है?

पुलिस कप्तान से गोपनीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के लोगों की मांग है कि पुलिस अधीक्षक इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय स्तर पर सामान्य पूछताछ तक सीमित न रहें, बल्कि गोपनीय तरीके से जांच कराएं। संबंधित स्थान की निगरानी, आवश्यक साक्ष्य संकलन और कथित संचालकों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल की जाए। यदि जुआ फड़ संचालित होने की पुष्टि होती है, तो संचालकों, सहयोगियों और इसमें संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि इस कथित गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को थी या नहीं और यदि थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर नियमानुसार जवाबदेही तय की जानी चाहिए। सवाल केवल जुए का नहीं, पुलिस व्यवस्था पर भरोसे का भी है। पुलिस कप्तान के प्रयास तभी धरातल पर प्रभावी दिखाई देंगे, जब चौकी स्तर तक अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगे और शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो। अब देखना यह है कि केशवाही क्षेत्र में उठ रहे इन सवालों पर पुलिस प्रशासन कितनी गंभीरता से संज्ञान लेता है।

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