अमलाई ओसीएम के 53 कर्मचारियों का तबादला, संयुक्त मोर्चा के आश्वासन के बाद भी आदेश जारी होने से आक्रोश, सांसद-विधायक से हस्तक्षेप की मांग

 

मोहम्मद हारून उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी। 

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओसीएम धनपुरी ओसीएम उपक्षेत्र में पदस्थ 53 कर्मचारियों के दूसरे क्षेत्रों में प्रशासनिक स्थानांतरण का आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानांतरित कर्मचारियों ने कहा है कि संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया था कि किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं होने दिया जाएगा और सभी को सोहागपुर एरिया में ही एडजस्ट किया जाएगा, फिर भी प्रबंधन ने ट्रांसफर आदेश निकाल दिया। आखिर क्यों? प्राप्त जानकारी के अनुसार उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय, धनपुरी द्वारा दिनांक 05 अक्टूबर 2026 को कार्यालय आदेश क्र. 431, 432 एवं 433 जारी कर 53 कर्मचारियों को दिनांक 06 अक्टूबर 2026 (अपराह्न) से कार्यमुक्त कर गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, सीईडब्ल्यूएस गेवरा और सीडब्ल्यूएस कोरबा के लिए भेजा गया है। इस सूची में 7 डम्पर ऑपरेटर, 20 से अधिक ईपी फिटर, ऑटो इलेक्ट्रीशियन, क्रेन ऑपरेटर, ड्रिल ऑपरेटर, ईपी मशीनिस्ट, ईपी टर्नर, फोरमैन और ग्रेडर ऑपरेटर शामिल हैं। स्थानांतरित साथियों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व संयुक्त मोर्चा की बैठक में नेताओं ने कहा था कि अमलाई ओसीएम के किसी भी कर्मचारी को एरिया से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। सभी को सोहागपुर एरिया के अंतर्गत ही समायोजित किया जाएगा। वहीं प्रबंधन की ओर से भी कहा गया था कि उपलब्ध मैनपावर में से कुछ को यू.जी. खदानों में, कुछ को कोल साइडिंग, रीजनल वर्कशॉप और फिल्टर प्लांट में एडजस्ट किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा कर्मचारियों से आवेदन भी मांगे गए थे। कई कर्मचारियों ने अपनी सहमति और विकल्प भी प्रस्तुत किए थे, इसके बावजूद अचानक छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 25 वर्षों से अमलाई ओसीएम में सेवाएं दे रहे हैं। उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और आवास सब धनपुरी, शहडोल, बुढार क्षेत्र में ही स्थित हैं। ऐसे में 400 से 500 किलोमीटर दूर गेवरा, दीपका, कुसमुंडा भेजे जाने से पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयां उत्पन्न होंगी। त्योहारी सीजन में जारी इस आदेश से कर्मचारियों में और अधिक निराशा है। स्थानांतरित कर्मचारियों ने जिले की सांसद महोदया एवं जैतपुर एवं ब्यौहारी क्षेत्र के विधायकगण से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि अविलंब सभी 53 कर्मचारियों का स्थानांतरण आदेश निरस्त कराया जाए और पूर्व आश्वासन के अनुसार सोहागपुर एरिया के अंतर्गत ही यू.जी. खदानों, साइडिंग, वर्कशॉप और फिल्टर प्लांट में समायोजित किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल पूरे अमलाई परिसर में इस आदेश को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है।

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