मोहम्मद हारून धनपुरी। एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के रामपुर-बटुरा ओसीएम से प्रभावित ग्राम अतरिया, बिछिया और खैरबना के किसानों द्वारा क्षेत्रीय एकता मंच के बैनर तले रोजगार एवं जमीन के बदले नौकरी की मांग को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन 11वें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। क्रमिक अनशन के बाद आमरण अनशन में तब्दील हुए आंदोलन के बीच प्रबंधन और प्रशासन की टीम ने अनशन स्थल पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया। प्रबंधन की ओर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश शर्मा ने की बातचीत की अपील
आंदोलन के आमरण अनशन में बदलने के बाद रामपुर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता भूपेश शर्मा ने एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन से किसानों के बीच पहुंचकर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अतरिया, बिछिया और खैरबना के किसानों का आंदोलन अब क्रमिक अनशन से आमरण अनशन में बदल गया है। ऐसे में सोहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक बी.के. जेना, उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारियों को अनशन स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के हक और अस्तित्व से जुड़ा है। जनपद सदस्य एवं सभापति चंद्र कुमार तिवारी ने कहा- किसान अपना हक मांग रहा है, भीख नहीं। इसके बाद जनपद पंचायत सोहागपुर के सदस्य एवं सभापति चंद्र कुमार तिवारी ने भी किसानों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि किसान अपना हक मांग रहा है, भीख नहीं। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई है, उनका डीआरसीसी एक वर्ष पहले ही हो चुका है। कागजी कार्रवाई और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से प्रभावित परिवारों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि डीआरसीसी पूरा होने के बाद पात्र लोगों को तत्काल नियुक्ति पत्र देकर ड्यूटी पर रखा जाना चाहिए। रोजगार नहीं मिलने के कारण ही किसानों को क्रमिक अनशन के बाद आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
11 दिन बाद प्रबंधन-प्रशासन पहुंचा अनशन स्थल
लगातार 11 दिनों तक चले आंदोलन और ग्रामीणों के समर्थन के बीच प्रबंधन एवं प्रशासन की टीम अतरिया पहुंची। किसानों और ग्रामीणों से चर्चा के बाद उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। इसकी जानकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी एवं प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी, प्रदीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष मुबारक मास्टर, अनुज मिश्रा, राजीव शर्मा, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन, उमा धुर्वे सहित बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे।
15 दिन का इंतजार, मांग पूरी नहीं हुई तो फिर आंदोलन
क्षेत्रीय एकता मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। मंच के अनुसार प्रबंधन की ओर से 15 दिन में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस अवधि में प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार किया जाएगा। यदि 15 दिन के भीतर सकारात्मक परिणाम नहीं मिला तो आंदोलन को दोबारा तेज करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन स्थगित होने के बाद किसानों और ग्रामीणों ने क्षेत्रीय एकता जिंदाबाद, मजदूर किसान एकता जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रभावित युवाओं को रोजगार मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।चाहें तो मैं इसी समाचार को और ज्यादा अखबारनुमा बनाकर मुख्य शीर्षक, उपशीर्षक और 2–3 बॉक्स आइटम के साथ भी सेट कर सकता हूं।



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