मोहम्मद हारून धनपुरी। सोहागपुर, 23 सितंबर 2026 एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के रामपुर बटुरा ओसीएम में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब जय अंबे कंपनी के सभी ड्राइवरों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गाड़ियां खड़ी कर हड़ताल शुरू कर दिए है । इस हड़ताल के बाद पूरे ओसीएम का कोयला परिवहन और डिस्पैच कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। आंदोलनकारी ड्राइवर राजेंद्र कुमार तिवारी, सुनील त्रिपाठी और राजाराम गुप्ता ने आरोप लगाया कि जय अंबे कंपनी पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं दे रही है और एचपीसी वेतन दर लागू नहीं कर रही है, हाजिरी में चोरी कर कम हाजिरी दिखा रहे। इस पूरे मामले में आंदोलनकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सीधे तौर पर सोहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक बी.के. जेना और रामपुर बटुरा ओसीएम के उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा को आरोपित किये है। उनका कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह अपने ठेकेदार पर नजर रखे, लेकिन जीएम और उपक्षेत्रीय प्रबंधक कोई निगरानी नहीं कर रहे है।
किसान नेता, समाजिक कार्यकर्ताओ ने जीएम और उपक्षेत्रीय प्रबंधक को घेरा
किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश शर्मा ने कहा कि महाप्रबंधक बी.के. जेना और उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा इस शोषण के लिए बराबर जिम्मेदार हैं। भूपेश शर्मा ने कहा, मैं जीएम बी.के. जेना को आरोपित किया है कि नाक के नीचे जय अंबे कंपनी मजदूरों को 3-3 महीने वेतन नहीं दे रही, चुप क्यों? उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा को ओसीएम की सुरक्षा और ठेका श्रमिकों के वेतन की मॉनिटरिंग करनी चाहिए, लेकिन वे कंपनी को खुली छूट दिए हुए हैं। हाजिरी में हेराफेरी, बायोमेट्रिक मशीन बंद रखना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी यह सब एसईसीएल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। आगे कहा कि अगर जीएम बी.के. जेना ने 24 घंटे में जय अंबे कंपनी पर कार्रवाई कर बकाया वेतन और एचपीसी दर लागू नहीं किये तो क्षेत्रीय कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
जनपद सदस्य सभापति बोले-जीएम साहब, स्थानीय का हक सुनिश्चित करो
जनपद सभापति चंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि महाप्रबंधक बी.के. जेना और उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा को यह सुनिश्चित करना होगा कि रामपुर बटुरा ओसीएम में पहले स्थानीय को रोजगार मिले। चंद्र कुमार तिवारी ने कहा, जीएम बी.के. जेना और उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा को समझना होगा कि रामपुर बटुरा ओसीएम रामपुर, अतरिया, बिछिया की जमीन पर है। यहां के किसान विस्थापित हुए हैं। लेकिन जय अंबे कंपनी में बाहर के लोगों को रखा जा रहा है, दोनों अधिकारियों से मांग है कि ठेकेदार को निर्देश दें कि प्रथम वरीयता रामपुर, खांड़ा, अतरिया, कोदेली, बैरिहा, बिछिया, बेलिया, खैरबना को दी जाए, उसके बाद शहडोल-अनूपपुर जिले को, साथ ही कंपनी के सभी ड्राइवरों को केंद्रीय चिकित्सालय धनपुरी में इलाज की सुविधा और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। पहले सुरक्षा, फिर काम, इस नियम का पालन उपक्षेत्रीय प्रबंधक को करवाना होगा यही मांग है।
मौके पर पुलिस बल तैनात है
समाचार लिखे जाने तक महाप्रबंधक बी.के. जेना के निर्देश पर उपक्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा और जय अंबे कंपनी प्रबंधन के बीच ड्राइवरों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता जारी थी। ड्राइवरों ने कहा है कि जब तक लिखित में एचपीसी, बकाया वेतन और बायोमेट्रिक हाजिरी का आदेश नहीं मिलता, हड़ताल जारी रहेगी।



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