मोहम्मद हारून उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी। सोहागपुर क्षेत्र 21 सितंबर 2026 को सदस्यता सत्यापन का अंतिम आंकड़ा घोषित होते ही तस्वीर साफ हो गई है। इस बार भारतीय मजदूर संघ ने बाजी मार ली है, एटक दूसरे नम्बर पर रही है। सोहागपुर क्षेत्र की धनपुरी, अमलाई, बंगवार, राजेन्द्रा दामिनी खैरहा . केंद्रीय चिकित्सालय रिजनल वर्कशाप जी एम आफिस और ओपनकास्ट खदानों में हुए इस सदस्यता सत्यापन में हजारों कर्मचारियों ने मतदान किया था। प्रबंधन द्वारा घोषित परिणाम के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
सदस्यता सत्यापन के बाद चारों यूनियनों का अंतिम आंकड़ा
भारतीय मजदूर संघ-737 वोट, प्रथम पायदान। एटक- 731 वोट द्वितीय पायदान। इंटक - 549 वोट तृतीय पायदान। हिन्द मजदूर सभा - 545 वोट चतुर्थ पायदान। पहले पायदान पर बी एम एस अध्यक्ष राजेन्द्र प्रताप सिंह और सचिव ओंकार द्विवेदी ने दिलाई ऐतिहासिक जीत। सोहागपुर क्षेत्र में इस बार बी एम एस ने 737 वोट प्राप्त कर प्रथम पायदान पर कब्जा कर लिया है। इस जीत के पीछे बी एम एस के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रताप सिंह और सचिव ओंकार द्विवेदी की रणनीति और जमीनी मेहनत है। दोनों नेताओं ने अपनी पूरी टीम के साथ धनपुरी, अमलाई, बंगवार, राजेन्द्रा दमिनी खैरहा सहित सभी भूमिगत और ओपनकास्ट खदानों में लगातार जनसंपर्क किया। मजदूरों के क्वार्टर, पानी, मेडिकल, सुरक्षा, पदोन्नति जैसे असली मुद्दों को उठाया। मजदूरों ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें नंबर वन बना दिया। बी एम एस खेमे में इस समय जश्न का माहौल है और जगह-जगह मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
दूसरे पायदान पर एटक, राबेन्द्र शुक्ला और राजेश चंद शर्मा की एकजुट मेहनत काबिले तारीफ
दूसरे पायदान पर रही एटक यूनियन ने 731 वोट प्राप्त किए हैं और वह मात्र 6 वोट से नंबर वन आते-आते रह गई। एटक अध्यक्ष राबेन्द्र शुक्ला और राजेश चंद शर्मा व उनकी टीम ने एकजुट होकर जिस कड़ी मेहनत के बदौलत यूनियन को इस मुकाम पर खड़ा किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है। दिन-रात खदानों में जाकर, हर पाली में मजदूरों से मिलकर उन्होंने संगठन को मजबूत किया। भले ही 6 वोट से जीत हाथ से निकल गई, लेकिन उनकी मेहनत ने यह साबित कर दिया कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। एटक ने कहा है कि प्रयास जारी रहेगा और मजदूर हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ी जाएगी रामपुर बटुराओसीएम एटक युनियन के अध्यक्ष आफताब आलम और सचिव राकेश कुमार गुप्ता. व बैजनाथ प्रजापति ने कहा है कि हम केवल आंकडों मे पिछड़े है युनिटों मे हम आगें हैं
तीसरे पायदान पर इंटक 549 वोट के साथ तीसरे पायदान पर
तीसरे पायदान पर इस बार इंटक यूनियन रही जिसे 549 वोट प्राप्त हुए हैं। इंटक ने भी चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी और खदानों में जनसंपर्क किया था, लेकिन वह बी एम एस और एटक की कड़ी टक्कर के सामने तीसरे नंबर पर रही। प्रबंधन से बेहतर तालमेल और मजदूर हितों की बात के दम पर इंटक ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
चौथे पायदान पर एच एम एस, शिवनारायण मिश्रा की उपेक्षा पड़ी भारी
चौथे पायदान पर हिन्द मजदूर सभा रही जिसे 545 वोट मिले और वह सीधे पहले से चौथे पायदान पर लुढ़क गई। इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी शिवनारायण मिश्रा को लेकर है। शिवनारायण मिश्रा ने हमेशा मजदूर हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने हमेशा मजदूरों के लिए संघर्ष किया है। चाहे प्रबंधन से टकराना पड़ा हो या कड़कड़ाती ठंड और तपती गर्मी में धरने पर बैठना पड़ा हो, वे हमेशा मजदूरों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने अपने दम पर एक युग तक एच एम एस की बादशाहत कायम रखी थी। लगातार 20 से 25 वर्षों तक उन्होंने किसी भी अन्य यूनियन को प्रथम पायदान का ताज नहीं पहनने दिया था। उनके नाम से ही एच एम एस जानी जाती थी। लेकिन इस बार संगठन ने उन्हें साइडलाइन कर दिया। उनको दरकिनार करना कर्मचारियों को नागवार गुजरा। खदानों में मजदूरों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। जब शिवनारायण मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेता को ही संगठन ने किनारे कर दिया तो मजदूरों ने भी संगठन से किनारा कर लिया। सदस्यता सत्यापन में एच एम एस की यह दुर्गति यह बताती है कि बड़े चेहरों की उपेक्षा किसी भी संगठन को कहां से कहां पहुंचा सकती है। कुल मिलाकर सोहागपुर क्षेत्र के इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि अब मजदूर काम और सम्मान देखकर वोट करता है।


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