धनपुरी के सरकारी अस्पताल की बदहाली पर जनता ने उठाई आवाज

कहीं अस्पतालों के औचक निरीक्षण से सुधर रहीं व्यवस्थाएं, तो कहीं इलाज और दवाओं के लिए भटक रहे मरीज; क्षेत्रीय संचालक डॉ. जी.एस. परिहार से धनपुरी सीएचसी के निरीक्षण की मांग

मोहम्मद हारुन उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।

नगर की लगभग 50 हजार से अधिक आबादी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी उपचार का प्रमुख सहारा है। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। दवाओं की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव, जांच सुविधाओं में परेशानी और बंद पड़े उपकरणों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। अब नगरवासियों ने क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, शहडोल संभाग डॉ. जी.एस. परिहार से धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है। नगरवासियों का कहना है कि एक ओर डॉ. जी.एस. परिहार द्वारा अमरकंटक और पुष्पराजगढ़ जैसे स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं धनपुरी के अस्पताल की समस्याओं पर भी इसी तरह ध्यान दिए जाने की जरूरत है। लोगों को उम्मीद है कि वरिष्ठ अधिकारी के निरीक्षण से अस्पताल की कमियों का पता चलेगा और लंबे समय से प्रभावित सेवाओं को सुधारने की दिशा में ठोस पहल होगी।

दवाओं की कमी से मरीज परेशान, बाहर से खरीदने की मजबूरी

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त और रक्तचाप जैसी सामान्य बीमारियों की दवाएं भी कई बार उपलब्ध नहीं रहतीं। मरीजों को दवाओं का भंडार समाप्त होने की जानकारी देकर बाहर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। लोगों का सवाल है कि सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने की नियमित व्यवस्था क्यों नहीं बन पा रही है। नागरिकों ने दवाओं के भंडार और वितरण व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रास्ता

धनपुरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन नगरवासियों का कहना है कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को अपेक्षित उपचार नहीं मिल पा रहा है। महिला रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला और हृदय रोग से संबंधित विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। गंभीर मरीजों को शहडोल या बुढ़ार भेजे जाने की शिकायतें सामने आती हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन, समय और खर्च की परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि यदि आवश्यक चिकित्सकों की पदस्थापना और उपलब्ध सेवाओं को मजबूत किया जाए, तो स्थानीय स्तर पर ही अनेक मरीजों को राहत मिल सकती है।

एक्स-रे मशीन और जांच व्यवस्था की हो समीक्षा

नागरिकों ने अस्पताल में उपलब्ध एक्स-रे मशीन के लंबे समय से उपयोग में नहीं होने की शिकायत भी उठाई है। उनका कहना है कि लाखों रुपये की लागत से स्थापित मशीन का लाभ मरीजों को मिलना चाहिए। वहीं, रक्त के नमूनों की जांच के संबंध में भी लोगों ने बताया कि नमूने बुढ़ार भेजे जाते हैं और रिपोर्ट मिलने में अगले दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। नगरवासियों ने मांग की है कि जांच व्यवस्था, मशीन की कार्यशील स्थिति और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।

ऑपरेशन थियेटर तैयार, लेकिन सेवाओं पर सवाल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुसज्जित ऑपरेशन थियेटर होने के बावजूद ऑपरेशन की सुविधा सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं होने की बात भी नागरिकों ने उठाई है। लोगों के अनुसार, शल्य चिकित्सक और निश्चेतना विशेषज्ञ की कमी के कारण ऑपरेशन संबंधी सेवाएं प्रभावित हैं। इसके अलावा अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों की स्वच्छता और शौचालयों की स्थिति को लेकर भी शिकायतें हैं। नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में उपलब्ध भवन और उपकरण तभी उपयोगी हैं, जब उनका नियमित संचालन हो और मरीजों को वास्तविक लाभ मिले।

डॉ. परिहार के औचक निरीक्षण से जगी उम्मीद

धनपुरी के नागरिकों ने क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, शहडोल संभाग डॉ. जी.एस. परिहार से बिना पूर्व सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने की अपील की है। नगरवासियों की मांग है कि निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, एक्स-रे मशीन, प्रयोगशाला, ऑपरेशन थियेटर और साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। साथ ही, जहां कमी या लापरवाही सामने आए, वहां नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। नगरवासियों का कहना है कि धनपुरी के लोगों को भी बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं पाने का पूरा अधिकार है। अस्पताल में आने वाला गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए भटकने के बजाय अपने नगर में ही उचित उपचार प्राप्त कर सके, यही उनकी अपेक्षा है। अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को दूर करने के लिए विभाग कब ठोस पहल करता है।

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