उत्प्रेरक टाइम्स बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय बिलासपुर में बुधवार को संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में उत्पादन, उत्पादकता, कोयला निकासी, खान सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण, चिकित्सा सुविधाएं, पदोन्नति और ठेका श्रमिकों के कल्याण से जुड़े लगभग 14 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रबंधन पक्ष और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिसमें संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के महासचिव अजय विश्वकर्मा ने श्रमिक हितों से जुड़े कई मुद्दे रखे।
उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
बैठक में बताया गया कि पहले कोयले की मांग में कमी आई थी, लेकिन अब बिजली संयंत्रों की मांग में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने उत्पादन बढ़ाने की योजना रखी है, गेवरा क्षेत्र में 9 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि को सुधारने के लिए विभागीय उत्पादन बढ़ाया जाएगा और बंद पड़े बेलाज डंपरों को चालू किया जाएगा। गेवरा का लक्ष्य 40 से बढ़ाकर 50 मिलियन टन किया गया है। रायगढ़, दीपका और कुसमुंडा बड़ी परियोजनाओं में भू-अर्जन तेज किया जाएगा। चिंतापानी और मानिकपुर में नए ठेकों से उत्पादन, रामपुर-भटगांव का 6 मिलियन टन और जगन्नाथ का 5.15 मिलियन टन लक्ष्य तय किया गया है। भूमिगत खदानों में निरंतर खनन मशीन की संख्या बढ़ाई जाएगी और अमृतधारा खदान को खान विकासकर्ता सह संचालक के माध्यम से संचालित करने की योजना है।
रेल रैक और कोयला निकासी
वर्तमान में एसईसीएल को 56 रेल रैक मिल रहे हैं, बढ़ती मांग को देखते हुए 75 रैक लेने का लक्ष्य रखा गया है।
खान सुरक्षा और प्रशिक्षण
श्री विश्वकर्मा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सुरक्षा के मुद्दे उठाए। इस पर तय हुआ कि सभी अग्रिम पंक्ति के पर्यवेक्षकों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा, खदानों की मुख्य सड़क को एकल दिशा किया जाएगा और विस्फोट कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक सप्ताह में 10 हजार सुरक्षा जूतों की पहली खेप क्षेत्रों में भेजी जाएगी। मनेंद्रगढ़ खान बचाव केंद्र में बचाव वाहन की कमी, आवासों पर अवैध कब्जा और कर्मचारियों की ड्यूटी में कटौती का मुद्दा भी उठा, जिस पर महाप्रबंधक ने निराकरण का आश्वासन दिया।
ठेका श्रमिकों के मामले में जांच समिति का गठन
बैठक में ठेका श्रमिकों के आंकड़ों पर प्रस्तुत जानकारी पर अजय विश्वकर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई कि आंकड़े और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है। इसके बाद मुख्यालय स्तर पर जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति सभी क्षेत्रों का दौरा कर उच्च शक्ति समिति वेतन, चिकित्सा कार्ड, वैधानिक पंजी, वेतन पर्ची, बैंक खाते में वेतन और श्रम कानूनों के पालन की जांच करेगी। सबसे बड़ी राहत के तौर पर पिछले 12 महीनों में कार्यरत ठेका श्रमिकों को दीपावली से पहले बोनस देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रबंधन ठेकेदारों को अग्रिम राशि देगा। साथ ही कंपनी संचालित विद्यालयों में पहली प्राथमिकता एसईसीएल कर्मचारियों के बच्चों को और दूसरी प्राथमिकता ठेका श्रमिकों के बच्चों को देने और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को विकसित करने की बात कही गई।
पदोन्नति, कल्याण और चिकित्सा
खनन सरदार से ओवरमैन पदोन्नति के मामले में बताया गया कि 768 अर्हताधारी हैं, जिनमें 61 को सुरक्षा प्रावधानों के अनुसार प्राधिकार दिया गया है। 127 के पास ओवरमैन प्रमाणपत्र है। इस साल 55 से 60 श्रेणी-बी ओवरमैन पद सृजित कर संबंधित क्षेत्रों से ही पदोन्नति की जाएगी। कल्याण कार्यों में 15 प्रतिशत से कम दर वाले निविदा पर अनिवार्य रूप से अतिरिक्त कार्य निष्पादन जमानत राशि लगाने का निर्णय बताया गया। मुख्यालय की टीम क्षेत्रों का दौरा कर कल्याण कार्यों की जांच करेगी। असैनिक पर्यवेक्षकों की भर्ती होगी और कोरबा केंद्रीय कार्यशाला की कॉलोनी और सड़कों का निरीक्षण होगा। 170 पराचिकित्सा कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाएगा, चिकित्सकों की भर्ती कोल इंडिया से अनुमोदन मिलते ही शुरू होगी। रसोई गैस प्रतिपूर्ति का आदेश जारी हो चुका है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में पढ़ रहे विभागीय कर्मचारियों के बच्चों की पूरी शुल्क प्रतिपूर्ति की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और आदर्श सुविधाएं
कोयला और कलपुर्जों की चोरी रोकने के लिए विभागीय सुरक्षा रक्षकों का चयन, 300 छत्तीसगढ़ औद्योगिक सुरक्षा बल के सुरक्षा प्रहरियों को लेने की प्रक्रिया और बिश्रामपुर-भटगांव से त्रिपुरा राइफल्स को कोरबा में तैनात करने का निर्णय लिया गया। श्री विश्वकर्मा द्वारा जानकारी मांगे जाने पर प्रबंधन ने बताया कि कोल इंडिया की योजना के तहत एसईसीएल में 5 आदर्श अस्पताल, 5 आदर्श कॉलोनी, 5 आदर्श विद्यालय और 5 आदर्श खेल परिसर आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किए जाएंगे।
अन्य मुद्दे
चिरमिरी से रानी अटारी जाने वाली विद्यालय और कर्मचारी बसों की जांच, रायगढ़ क्षेत्र के लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर बर्खास्त कर्मचारियों के प्रकरण पर जांच का आश्वासन भी बैठक में दिया गया।



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