मोहम्मद हारुन उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।
एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के महत्वाकांक्षी रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट से प्रभावित ग्राम पंचायत खाड़ा के ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर ग्रामीणों ने खदान प्रबंधन को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है और 7 दिन के अंदर कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। मांग पत्र सौंपने के दौरान अनूपपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पति एवं कांग्रेस नेता रमेश सिंह, पंचायत की सरपंच श्रीमती कमला सिंह, सचिव गोरेलाल केवट, युवा नेता संदीप सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सरपंच कमला सिंह की ओर से सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि रामपुर बटुरा उपक्षेत्र में पिछले 3-4 वर्षों से कोयला उत्खनन का कार्य चल रहा है। इस परियोजना से पंचायत के हजारों ग्रामीण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और पुनर्वास के मुद्दों पर प्रबंधन गंभीर नहीं है।
ग्रामीणों की 7 प्रमुख मांगे
स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार दो ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप है कि खदान में ओवरबर्डन (OB) हटाने का काम कर रही जय अंबे कंपनी स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा कर रही है और बाहरी लोगों को भर्ती कर रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि OB के कार्य में कम से कम 70 प्रतिशत भागीदारी स्थानीय युवाओं की सुनिश्चित की जाए। धूल से हो रहे प्रदूषण पर पानी का छिड़काव खदान से कोयला परिवहन करने वाले भारी ट्रेलरों और डंपरों की दिन-रात आवाजाही से पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार उड़ रहा है। इससे ग्रामीण दमा और आंखों की बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रभावित सभी सड़कों पर दिन में 3-4 बार नियमित पानी छिड़काव की मांग की है। रामपुर-खाड़ा-सांधा मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाओ रामपुर से खाड़ा होते हुए सांधा तक जाने वाली मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरे के कारण रात में दुर्घटनाएं हो रही हैं। तत्काल प्रकाश व्यवस्था की मांग की गई है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत: भारी वाहनों के कारण रामपुर-खाड़ा-सांधा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है। ग्रामीणों ने तत्काल सड़क मरम्मत और मुरुम भराई की मांग की। भूमि अधिग्रहण और नौकरी का मामला सुलझाओ कई किसानों की भूमि अधिग्रहण और उसके बदले रोजगार का मामला सालों से लंबित है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत में शिविर लगाकर राजस्व और SECL के अधिकारियों की मौजूदगी में दस्तावेजों का निराकरण किया जाए और पात्र लोगों को तत्काल नौकरी दी जाए। वैकल्पिक सड़क का निर्माण गीधाटोला, कंठियानटोला और खोलागढ़ी के ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। अनूपपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग से इन टोलों तक वैकल्पिक पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। लिफ्ट इरीगेशन परियोजना चालू करो: क्षेत्र के किसानों के लिए स्वीकृत लिफ्ट इरीगेशन परियोजना सालों से अधूरी पड़ी है। इसे प्राथमिकता से पूरा कराने की मांग की गई है, जिससे सिंचाई और रोजगार दोनों बढ़ेगा।
अल्टीमेटम - 7 दिन में नहीं सुनी तो हड़ताल
ग्राम पंचायत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन के भीतर इन मांगों पर ठोस और समाधानकारी कार्रवाई नहीं हुई, तो समस्त ग्रामवासी लोकतांत्रिक तरीके से खदान के सामने धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन की होगी।



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