बुढ़ार सीएचसी में पहली बार सफल सिजेरियन, गूंजी नन्ही परी की किलकारी, चिकित्सा सेवा में बड़ी उपलब्धि: जटिल प्रसव के लिए अब शहडोल रेफर होने की मजबूरी होगी कम, मां और नवजात दोनों स्वस्थ

मोहम्मद हारून उत्प्रेरक टाईम्स धनपुरी। 

बुढ़ार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) सफलतापूर्वक किया गया, जिसके बाद एक नन्ही परी ने जन्म लिया। प्रसूता और नवजात दोनों की स्थिति स्वस्थ बताई जा रही है। इस सफलता के साथ बुढ़ार सीएचसी में अब जटिल प्रसव के मामलों में स्थानीय स्तर पर उपचार की नई सुविधा उपलब्ध हो गई है।

सामान्य प्रसव में जोखिम को देखते हुए लिया सी-सेक्शन का निर्णय

प्राप्त जानकारी के अनुसार सारंगपुर निवासी 20 वर्षीय प्रसूता मुस्कान कुशवाहा, पति नीलेश कुशवाहा, को प्रसव पीड़ा के चलते बुढ़ार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों द्वारा जांच किए जाने पर सामान्य प्रसव में परेशानी की आशंका सामने आई। प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। आवश्यक तैयारियां पूरी करने के बाद चिकित्सकीय टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद प्रसूता ने स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों की चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है।

अब जटिल प्रसव के लिए नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार

गौरतलब है कि बुढ़ार सीएचसी में अब तक सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। गंभीर अथवा जटिल प्रसव के मामलों में गर्भवती महिलाओं को शहडोल जिला अस्पताल या अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज को दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने में समय लगने के साथ आपात स्थिति में जोखिम भी बढ़ जाता था। बुढ़ार सीएचसी में सी-सेक्शन सुविधा शुरू होने से बुढ़ार सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों की गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आपातकालीन परिस्थितियों में अब स्थानीय स्तर पर ही समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप संभव हो सकेगा।

चिकित्सकों के साथ नर्सिंग और सहयोगी स्टाफ की भी महत्वपूर्ण भूमिका

पहले सिजेरियन ऑपरेशन को सफल बनाने में चिकित्सकीय टीम के साथ नर्सिंग एवं अन्य सहयोगी कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्टाफ नर्स बिंदु गुप्ता, दीपिका गाड़िया और विभा झा ने ऑपरेशन के दौरान अपनी जिम्मेदारी संभाली। वहीं, नवजात के जन्म के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी एनबीएसयू की रूपकला और नेहा पाण्डेय ने निभाई। ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह तैयार रखने तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में अरुण कुमार बैगा, आर.के. त्रिवेदी और सौरभ मिश्रा का विशेष सहयोग रहा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम

बताया गया कि कलेक्टर शहडोल पार्थ जायसवाल के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में बुढ़ार सीएचसी में सिजेरियन सुविधा की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले ही प्रयास में सफल सिजेरियन ऑपरेशन और स्वस्थ मां-बेटी के बाद अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। वहीं, स्थानीय स्तर पर यह सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है।

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