एचआईवी/एड्स जागरूकता के लिए एसईसीएल में शपथ ग्रहण समारोह कल


*बिलासपुर।* साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कल 06 अक्टूबर 2026 को एक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने जा रहा है। इंटेंसिफाइड आई.ई.सी. अभियान के अंतर्गत “ब्रेक फ्री इंडिया” थीम पर आधारित यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में होगा।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य प्रतिभागी एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और प्रभावित लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की सामूहिक शपथ लेंगे। आयोजकों का कहना है कि एचआईवी/एड्स के विरुद्ध लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।


**क्यों जरूरी है जागरूकता**


एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी अनेक गलत धारणाएं प्रचलित हैं। कई लोग यह मानते हैं कि यह रोग साथ बैठने, भोजन करने या हाथ मिलाने से फैलता है, जबकि यह पूरी तरह भ्रांति है। इन्हीं गलत धारणाओं के कारण संक्रमित व्यक्तियों को सामाजिक भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है, जिससे वे समय पर जांच और उपचार कराने से भी हिचकिचाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सही जानकारी, समय पर जांच और नियमित उपचार से संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।


**“ब्रेक फ्री इंडिया” थीम का संदेश**


इंटेंसिफाइड आई.ई.सी. (सूचना, शिक्षा एवं संचार) अभियान का उद्देश्य जन-जन तक एचआईवी/एड्स से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाना है। “ब्रेक फ्री इंडिया” थीम के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे डर, झिझक और भेदभाव की बेड़ियों को तोड़ें तथा एक सहयोगी और संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान दें।


**सहभागिता की अपील**


एसईसीएल प्रबंधन ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित लोगों से समारोह में उपस्थित होकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है। प्रबंधन का मानना है कि सामूहिक शपथ से न केवल जागरूकता का संदेश दूर तक जाएगा, बल्कि कार्यस्थल और समाज में सकारात्मक बदलाव की भावना भी मजबूत होगी।


एसईसीएल समय-समय पर स्वास्थ्य, सामाजिक सरोकार और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। इसी कड़ी में यह आयोजन एचआईवी/एड्स के खिलाफ जारी राष्ट्रव्यापी मुहिम को मजबूती देने का एक प्रयास है।


आयोजकों ने कहा, “आइए, हम सभी मिलकर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, भ्रांतियों को दूर करें और भेदभाव को समाप्त करने की शपथ लें।”

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