मोहम्मद हारुन धनपुरी।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई खुली खदान के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने 54 कर्मचारियों के अन्य क्षेत्रों में किए गए स्थानांतरण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं कार्यमुक्ति आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह आदेश रिट याचिका क्रमांक WP No. 43120 of 2026, लाल बहादुर जायसवाल बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य पर दिनांक 14-10-2026 को न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकल पीठ ने पारित किया। इस फैसले के बाद एटक यूनियन से जुड़े कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार एसईसीएल प्रबंधन द्वारा सोहागपुर क्षेत्र के अमलाई खुली खदान के 54 कर्मचारियों का स्थानांतरण अन्य क्षेत्रों में कर दिया गया था। प्रबंधन के इस फैसले का एटक यूनियन ने विरोध किया था। यूनियन का कहना था कि स्थानांतरण नीति के विपरीत और बिना उचित प्रक्रिया के किया गया है। इसके खिलाफ एटक यूनियन ने 30 कर्मचारियों की ओर से हाईकोर्ट जबलपुर में स्टे के लिए केस दायर किया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश चंदा शिल्डियाल एवं अधिवक्ता वैभव कुमार पांडेय ने पैरवी की। याचिका में बताया गया कि प्रतिवादी क्रमांक 4 द्वारा 21.09.2026 को स्थानांतरण आदेश और प्रतिवादी क्रमांक 6 द्वारा 05.10.2026 को कार्यमुक्ति आदेश जारी किया गया था। विरोध के बाद प्रबंधन और एसोसिएशन की संयुक्त परामर्श समिति (JCC) के बीच बैठक हुई और समझौता हुआ था, जिसकी शर्तें अनुलग्नक P/2 के रूप में कोर्ट में पेश की गईं। समझौते के अनुसार 20 कर्मचारियों ने स्थानांतरण स्वीकार कर लिया, लेकिन शेष कर्मचारियों के मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और बिना महाप्रबंधक के आदेश के ही कार्यमुक्ति आदेश जारी कर दिया गया। इसी को आधार बनाते हुए न्यायालय ने प्रतिवादी क्रमांक 6 द्वारा 05.10.2026 को पारित आदेश (अनुलग्नक P/5) पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।
एटक यूनियन में हर्ष
इस सफलता पर एटक यूनियन के अध्यक्ष राबेंन्द्र शुक्ला एवं सचिव राजेश चंद शर्मा ने कहा कि मजदूरों के हक में उनका प्रयास रंग लाया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने न्याय करते हुए स्थानांतरण पर रोक लगाई है। सभी लाभान्वित साथियों के पक्ष फैसले पर हर्ष जाहिर किए है और आगे कहाकि यूनियन हमेशा मजदूर हितों के लिए लड़ती रहेगी।


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