धनपुरी स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली चरम पर: एक्सरे मशीन पन्नी में बंद, खून जांच के सैंपल बुढार भेजे जा रहे, वार्ड में गंदगी का अंबार, छत से टपक रहा पानी, टॉयलेट का दरवाजा उखड़ा, दवाइयों की किल्लत, मरीज निजी सेंटरों में जाने को मजबूर

मोहम्मद हारून धनपुरी।  जिले के सबसे महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो चुकी हैं। अस्पताल में न तो एक्सरे की सुविधा मिल रही है, न ही खून की जांच समय पर हो पा रही है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि लाखों की हाईटेक एक्सरे मशीन को पॉलीथिन की पन्नी से ढककर बंद रखा गया है, जबकि खून की जांच के लिए मरीजों के सैंपल बुढार भेजे जा रहे हैं। इसका खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगी हाईटेक डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले कई हफ्तों से बंद पड़ी है। अस्पताल भवन की छत  बारिश होते ही छत से पानी टपकने लगता है। एक्सरे कक्ष की छत से लगातार पानी चू रहा है, प्लास्टर उखड़ गयें  है। कीमती मशीन को खराब होने से बचाने के लिए स्टाफ ने उसे पॉलीथिन की मोटी पन्नी से ढककर रखा है। पानी फिलहाल मशीन में नहीं घुस रहा है, लेकिन छत से लगातार रिसाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मशीन का संचालन बंद रखा गया है। मशीन बंद होने से फ्रैक्चर, हड्डी टूटने और सड़क हादसे में घायल मरीजों को सरकारी अस्पताल में निःशुल्क एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मजबूरन उन्हें निजी एक्सरे सेंटरों में जाकर 400 से 500 रुपये तक अपनी जेब से खर्च करने पड़ रहे हैं। गरीब परिवारों के लिए यह रकम बड़ी है, कई मरीज तो पैसे के अभाव में बिना एक्सरे कराए ही लौट जाते हैं। यही हाल बुढार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी है। वहां भी हाईटेक एक्सरे मशीन तकनीकी खराबी के कारण ठप पड़ी है। इस तरह क्षेत्र के दो बड़े अस्पतालों में एक्सरे सुविधा बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी गंभीर समस्या खून जांच को लेकर है।

धनपुरी स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड टेस्ट की समुचित व्यवस्था नहीं है। यहां मरीजों के खून के सैंपल तो ले लिए जाते हैं, लेकिन जांच के लिए उन्हें बुढार भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को दी जाती है। अस्पताल परिसर में बहुत कम जांचें ही हो पाती हैं। इससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, कई बार एक से दो दिन लग जाते हैं। इमरजेंसी केस में यह देरी मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। गुरुवार को हमारे प्रतिनिधि ने धनपुरी स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया तो हकीकत चौंकाने वाली मिली। एक्सरे रूम बंद था, मशीन पन्नी से ढकी थी, छत से पानी टपक रहा था। एक्सरे रूम के बाहर टॉयलेट के सामने भी छत से पानी रिस रहा था। ड्रेसिंग रूम में भी छत से पानी चू रहा था और प्लास्टर  छत का उखड़ा हुआ था। वार्ड की स्थिति सबसे दयनीय थी। वार्ड खाली पड़ा था, लेकिन वार्ड के टॉयलेट में गंदगी और मलबा भरा हुआ था, बदबू आ रही थी। वार्ड में साफ-सफाई का पूरी तरह अभाव था। एक जगह तो टॉयलेट का दरवाजा ही उखड़ा हुआ था और उसे टॉयलेट के अंदर ही रख दिया गया था। वार्ड के सामने गैलरी में भी छत से पानी चू रहा था। मरीजों और परिजनों ने बताया कि अस्पताल में दवाइयों की भी किल्लत है। डॉक्टर दवा लिख देते हैं, लेकिन काउंटर पर पूरी दवा नहीं मिलती, आधी दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है।स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि धनपुरी अस्पताल भवन की छत की तत्काल मरम्मत कराई जाए, एक्सरे मशीन को चालू कराया जाए, खून जांच लैब को धनपुरी में ही पूरी तरह सक्रिय किया जाए ताकि सैंपल बुढार न भेजने पड़ें, और अस्पताल में साफ-सफाई व दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

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