राजस्व अभिलेखों तक पहुंचने की कोशिश या कोई पुरानी रंजिश? 3 से 4 संदिग्धों की करतूत से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस ने दर्ज किया मामला
मोहम्मद हारून उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।
जिस तहसील परिसर में हजारों परिवारों की जमीनों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे जाते हैं, उसी कार्यालय को आधी रात अज्ञात लोगों ने निशाना बना लिया। मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अंदर दाखिल होने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद परिसर में खड़ी तहसीलदार की शासकीय बोलेरो के शीशे तोड़कर आरोपी अंधेरे में गायब हो गए। घटना ने तहसील कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, वारदात बीती रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की बताई जा रही है। लगभग तीन से चार युवक पैदल तहसील परिसर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मुख्य द्वार पर लगे ताले को तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान परिसर में तैनात चौकीदार को संदिग्ध गतिविधियों की आहट सुनाई दी। वह तत्काल बाहर की ओर पहुंचा। चौकीदार को अपनी तरफ आता देख संदिग्धों ने कार्यालय के भीतर जाने का प्रयास छोड़ दिया। बताया जाता है कि अंदर प्रवेश नहीं कर पाने के बाद आरोपियों ने परिसर में खड़ी तहसीलदार की शासकीय बोलेरो वाहन क्रमांक MP 13 ZV 6445 को निशाना बनाया। लाठी-डंडों और पत्थरों से वाहन के आगे और पीछे के शीशे तोड़ दिए गए। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जुटने लगे, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे।
हजारों किसानों के दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना को केवल एक सरकारी वाहन में तोड़फोड़ तक सीमित मानना उचित नहीं होगा। बुढ़ार तहसील कार्यालय में बुढ़ार, धनपुरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जमीनों से जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेख रखे जाते हैं। खसरा, बी-1, नक्शे, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे दस्तावेज आम नागरिकों के अधिकारों से सीधे जुड़े हैं। ऐसे में कार्यालय में घुसने की कोशिश ने अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि संदिग्ध भीतर पहुंच जाते तो सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता था।
कार्रवाइयों से नाराजगी की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई है कि हाल के दिनों में तहसील प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों और राजस्व संबंधी मामलों में सख्ती बरती गई थी। ऐसे में किसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एक चौकीदार के भरोसे महत्वपूर्ण कार्यालय?
घटना ने तहसील परिसर की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात में सुरक्षा की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एक चौकीदार पर रहती है। परिसर में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरों और नियमित निगरानी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस कार्यालय में आमजन के जमीन संबंधी महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित हैं, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
बीएनएस सहित अन्य कानूनों के तहत मामला दर्ज
घटना की जानकारी सुबह तहसीलदार द्वारा बुढ़ार थाना पुलिस को दी गई। सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4), 324(4) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब तहसील परिसर के आसपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। साथ ही संदिग्धों की पहचान के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। थाना प्रभारी ने आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।फिलहाल घटना के बाद तहसील परिसर की सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आधी रात तहसील कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश के पीछे आखिर मकसद क्या था? क्या निशाना केवल शासकीय वाहन था या फिर किसी और उद्देश्य से परिसर में घुसने का प्रयास किया गया? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।



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