शिवराज सिंह चौहान ने जताई नाराजगी, आदिवासी परिवारों के घर तोड़ने पर अधिकारियों से मांगा जवाब
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियों द्वारा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ही संसदीय क्षेत्र विदिशा में गरीब आदिवासी परिवारों के घर उजाड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन पर कोसमी गांव में लोगों के आशियाने तोड़ने, फसलें बर्बाद करने और कुएं को मिट्टी से भरने का आरोप लगाया.
गरीब आदिवासी परिवारों के सपने टूट गए’
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह उन घरों के मलबे के बीच खड़े हैं, जहां कुछ समय पहले तक परिवारों की जिंदगी सामान्य रूप से चल रही थी। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासी किसानों की वर्षों की मेहनत टूटे हुए छप्परों के नीचे दब गई है। उनके अनुसार, जेसीबी से घर तोड़े जाने के कारण परिवारों के आशियाने उजड़ गए और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मैं उन घरों के मलबे के बीच खड़ा हूं, जहां आज सुबह तक जिंदगी गुलजार थी. आज इन गरीब आदिवासी किसानों की मेहनत की कमाई टूटे हुए छप्परों के नीचे दबी पड़ी है. JCB से उनके घर तोड़ दिए गए. उनके सपने चकनाचूर हो गए, सालों की मेहनत बर्बाद हो गई और वे बेघर हो गए. उनके पास कुछ भी नहीं बचा है. उनके पास जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा ही तो था’’, यह बात शिवराज सिंह चौहान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कही.
वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी गांव में ऐसी कार्रवाई करने की कोशिश की थी. तब शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने को कहा था. इसके बावजूद कार्रवाई की गई.


0 Comments