माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान के तहत प्रतियोगिता आयोजित, हीना-आराधना रही प्रथम, विजेताओं को जिला समन्वयक ने किया सम्मानित
मोहम्मद हारून उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।
बुढार विकास खंड के ग्राम पंचायत चन्नोंडी के अदिवासी बाहुल्य ग्राम नेमुहा मे एक विशेष प्रशिक्षण एवं प्रतीयोगिता का आयोजन किया गया गणेश उत्सव के दौरान बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को रोकने और लोगों को इको-फ्रेंडली उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा पूरे प्रदेश में माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विकासखंड बुढार के ग्राम पंचायत चन्नौड़ी के आदिवासी बाहुल्य ग्राम नेमुहा में एक विशेष प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक के रूप में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक विवेक पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और युवतियों को प्राकृतिक चिकनी माटी से गणेश प्रतिमा बनाने की बारीकियां सिखाईं। श्री पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज बाजार में बिक रही अधिकांश गणेश प्रतिमाएं प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और केमिकल युक्त जहरीले रंगों से बनाई जाती हैं। जब इन मूर्तियों का नदी, तालाब और बांधों में विसर्जन किया जाता है तो पीओपी पानी में घुलता नहीं है, बल्कि महीनों तक पानी में पड़ा रहता है। इससे जल प्रदूषण फैलता है, पानी जहरीला हो जाता है और मछलियों सहित अन्य जलीय जीवों की मौत हो जाती है। इसके साथ ही केमिकल रंग पानी को दूषित कर देते हैं। इसके विपरीत माटी से बनी गणेश प्रतिमा पूरी तरह से इको-फ्रेंडली होती है। यह विसर्जन के कुछ ही मिनटों में पानी में पूरी तरह घुल जाती है और मिट्टी बन जाती है। इससे न तो जल प्रदूषित होता है और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचता है। माटी के गणेश पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी संस्कृति और परंपरा से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर वे बाजार से पीओपी की मूर्ति लाने की बजाय अपने घर में ही माटी के गणेश बनाएं और स्थापित करें। इस दौरान सभी ने माटी के गणेश-सिद्ध गणेश, हर घर गणेश का जय घोष करते हुए संकल्प भी लिया। प्रशिक्षण के बाद मौके पर ही माटी गणेश निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में गांव की महिलाओं, युवतियों और स्कूली छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अपने हाथों से एक से बढ़कर एक सुंदर और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। निर्णायक मंडल ने बारीकी से प्रतिमाओं का अवलोकन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक विवेक पांडे द्वारा पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार रहा-प्रथम पुरस्कार संयुक्त रूप से हीना बैगा और आराधना बैगा को प्राप्त हुआ। उनकी बनाई गई गणेश प्रतिमा में कलात्मकता और सुंदरता का अद्भुत संगम देखने को मिला। द्वितीय पुरस्कार रूही बेगम और मीनू जैन को दिया गया। तृतीय पुरस्कार सविता प्रधान और शिवानी डीमर ने प्राप्त किया, जबकि चतुर्थ पुरस्कार दुर्गा यादव को प्रदान किया गया। पुरस्कार मिलते ही विजेताओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे गांव में हर्ष का माहौल छा गया। इस अवसर पर नवांकुर संस्था बजरंग ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ, सचिव सुरेश मिश्रा, श्रीमती मीनू जैन, प्रस्फुटन समिति से अभिलाष चतुर्वेदी, दीपेश शर्मा, अखिलेश सिंह, बाबूलाल यादव, सुधीर मिश्रा, सागर तिवारी, श्रीमती रूही बेगम, राहुल नामदेव, बंटू मिश्रा, राजेश तिवारी, गोलू चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर सखी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।



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